Man is a selfish being and rightly so !
एक अटल सी छवि
एक अटल सी छवि एक अटल सी छवि , है अटल के स्वभाव में। कुछ उसके अंदाज़ में, है, अटल सी छवि। क्या वह है, सिर्फ, शब्दों का जादू ? या, मनोहर व्यक्तित्व, दृढ़ता का मेल? या रचनाकार की राजनैतिक कवित, मरणोपरांत, जो अडिग अमर है। हाँ, यह वही है, जिसकी 'मौत से ठनी है'। वः 'गीतों ' का धनी है, जिसकी अटल सी छवि है । ये कैसी छवि है? जीवन प्रतिबिम्भ में, जो लगती 'मृत्यु से बड़ी है'। इतिहास की प्रबल कड़ी है, गरजति, बरसती आवाज़ एक वही है, अटल जिसकी छवि है। पर, अब साँझ हो चली है, देह, मृत शरीर है, मौन सी पड़ी, अब अंत से मिली है, अब अग्नि की घड़ी है, फिर भी....एक अटल सी छवि.....मन में बसी है। ...
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